धार , अप्रैल 16 -- मध्यप्रदेश में धार जिले की कुक्षी तहसील में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान ई-उपार्जन पोर्टल में तकनीकी समस्या के चलते किसानों की परेशानी बढ़ गई है। स्लॉट बुकिंग नहीं होने से किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 2400 पंजीकृत किसानों के लिए ग्राम पीथनपुर में एकमात्र उपार्जन केंद्र 13 अप्रैल से शुरू हुआ है, लेकिन अब तक केवल 17 किसानों का ही गेहूं तुल पाया है। बुधवार से स्लॉट बुकिंग में लगातार दिक्कत आ रही है। पोर्टल पर 'सैटेलाइट द्वारा आपका पंजीयन सत्यापित नहीं है' संदेश दिखने से किसान परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने विधिवत पंजीयन कराया था, इसके बावजूद स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा है। गेहूं की बिक्री ही उनकी आय का प्रमुख स्रोत है, जिससे शादी-ब्याह और बच्चों की फीस जैसे खर्च पूरे होते हैं। इस स्थिति से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसान नेता राजेंद्र पाटीदार ने इसे प्रशासन और राजस्व विभाग की विफलता बताते हुए कहा कि पंजीयन के समय पटवारियों द्वारा फसल का सर्वे किया गया था, फिर भी पोर्टल पर पंजीयन असत्यापित बताया जा रहा है। उन्होंने तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने की मांग की है।
इधर मनावर क्षेत्र के ग्राम सिंघाना में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। यह धरना पिछले तीन दिनों से जारी है।
किसानों का कहना है कि पहले सिंघाना में खरीदी केंद्र संचालित होता था, जिसे इस बार बंद कर दिया गया है। वर्तमान में देवला में केंद्र बनाए जाने से किसानों को 20 से 25 किलोमीटर दूर उपज ले जानी पड़ रही है, जिससे प्रति क्विंटल 150 से 200 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित