देहरादून , फरवरी 13 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राजधानी के हरियावाला धौलास में शेख उल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट को शैक्षणिक संस्थान के नाम पर आवंटित की गई जमीन का लैंडयूज भाजपा की वर्तमान सरकार में किया गया है,इसके उन्होंने साक्ष्य भी दिखाए।

उन्होंने देहरादून के राजपुर रोड स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात को तथाकथित सनातनी उठा रहे है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इस धौलास जमीन घोटाले से किसी भी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय नारायण तिवारी की सरकार के दौरान 15 मार्च 2004 को इस ट्रस्ट को जमीन खरीदने का शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें 13.94 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति ट्रस्ट को दी गई थी लेकिन सुरक्षा को लेकर आई एम ए की रिपोर्ट आने के बाद 15 नवंबर 2006 को सरकार ने जमीन को निहित करने का शासनादेश जारी किया। इस आदेश के खिलाफ ट्रस्ट उच्च न्यायायाल गया और उसने इसपर स्टे दिया।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह निर्णय लिया कि जमीन को सरकार में निहित नहीं किया जाएगा, मगर सरकार ने साफ तौर पर शर्त रखी कि जमीन का भूमि परिवर्तन नहीं होगा। किसानों से खरीदी गई यह भूमि कृषि भूमि ही रहेगी, यदि इसको बेचा जाएगा तो कृषि भूमि के रूप में बेचा जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आते ही सीएम धामी के कार्यकाल में ट्रस्ट ने रईस अहमद को जमीन बिक्री के लिए प्रतिनिधि बनाया, कानूनी पेचीदगियों को से बचने के लिए रईस अहमद ने पहले इस जमीन के अपने रिश्तेदारों के नाम बेनामे कराये।

उसके बाद उन्ही के माध्यम से यह जमीन हिंदू खरीदारों को बेच दी गई। इस दौरान धोलास की भूमि भू उपयोग चेंज करके धारा 143 के तहत आवासीय घोषित कर दिया गया। श्री हरक ने इसे प्रदेश में बड़ा घोटाला करार दिया है।

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