रायपुर , अक्टूबर 25 -- छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी का रविवार को रायपुर हवाईअड्डे पहुुंचने पर सादगीपूर्ण तरीके से स्वागत किया गया।

संगठन की ओर से सिर्फ़ नामित 16 पदाधिकारी और विधायक स्वागत के लिए पहुंचे। इस दौरान न तो ढोल-ताशे बजाए गए और न ही किसी मंत्री को बुलाया गया। इसके पूर्व प्रस्तावित स्वागत कार्यक्रम हेतु विशाल बाईक रैली और 5000 कार्यकर्ताओं के हुजूम वाले बड़े आयोजन को अचानक रद्द किया गया ।

रायपुर पहुंचने के बाद स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ अभनपुर रवाना हुईं।

स्मृति ईरानी के सादगीपूर्ण स्वागत पर पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा, "ये हमारी संस्कृति है। वीआईपी संस्कृति स्थाई नहीं रहती, कार्यकर्ता स्थाई रहता है।"रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, "नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी स्वागत है। उनका अनुभव प्रदेश के लिए काम आएगा।"भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि संगठन के विषयों पर चर्चा की जाएगी।

स्मृति ईरानी के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं से अलग-अलग चर्चा के जरिए सरकार के कामकाज तथा संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन किए जाने की संभावना है।

बैठकों में विभागीय उपलब्धियों के साथ कार्यकर्ताओं के फीडबैक को भी महत्व दिए जाने की चर्चा है। पार्टी का ध्यान उन 36 विधानसभा सीटों पर केंद्रित रह सकता है, जहां भाजपा को 2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इन क्षेत्रों में संगठन की मजबूती, बूथ समितियों की सक्रियता और पन्ना प्रमुखों की भूमिका की समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

समीक्षा के दौरान मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली जा सकती है। इसमें घोषित योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति, लंबित कार्यों और परियोजनाओं में हो रही देरी जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं।

इसके साथ ही मोदी की गारंटी के तहत किए गए कार्यों की स्थिति, विभागीय योजनाओं की प्रगति, स्वीकृत और पूर्ण परियोजनाओं, बजट के उपयोग तथा लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचने की स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां देरी के कारणों और कार्य पूरा करने की समयसीमा पर जानकारी ली जा सकती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित