लखनऊ , अप्रैल 09 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर मिल रही शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए उनकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने ओवरबिलिंग समेत अन्य समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है और यदि उसकी कोई गलती नहीं है तो किसी भी हालत में उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने बिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है। स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण और राजस्व सुधार को तेज करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ के मुकाबले 2026 में प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है। ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट और कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री ने डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर संतोष जताते हुए राष्ट्रीय रेटिंग को और बेहतर करने के निर्देश दिए। साथ ही वितरण ढांचे को मजबूत करने और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसे बदलने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। साथ ही नए पोल और केबल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने न्यूनतम पांच आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कृषि फीडरों के पृथक्करण और डबल ग्रुप सप्लाई के कार्य समय से पूरे करने पर भी जोर दिया गया।

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