'वर्ल्ड बुक डे' के अवसर परमुंबई , अप्रैल 23 -- बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने एक लेखिका के रूप में अपनी एक नई पहचान बनाई है।

अभिनेत्रियों ने अपनी किताबों के जरिए अपने अनुभव, भावनाएँ और जीवन के उतार-चढ़ाव खुलकर साझा की है, जिसके ज़रिए पाठकों को उनकी असल ज़िंदगी की सच्ची झलक देखने को मिलती है। उनके शब्दों में हमें उनकी ज़िंदगी की एक और सच्ची, व्यक्तिगत और बेबाक झलक मिलती है, जो इस 'वर्ल्ड बुक डे' पर पढ़ने के लिए बेहतरीन विकल्प बन सकती हैं।

प्रियंका चोपड़ा जोनस की किताब अनफिनिश्ड उनकी एक प्रेरणादायक आत्मकथा है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन और करियर की यात्रा साझा की है। इसमें उनके बचपन, संघर्षों और हॉलीवुड तक के सफर की दिलचस्प झलक मिलती है। प्रियंका ने अपने अनुभवों, असफलताओं और सफलताओं को बेहद ईमानदारी से पेश किया है। यह किताब सिखाती है कि अधूरी कहानियाँ ही हमें आगे बढ़ने की ताकत देती हैं।

ट्विंकल खन्ना की मिसेस फनीबोन्स, एक हल्की-फुल्की और मजेदार किताब है, जिसमें उनकी हाज़िरजवाबी के साथ उनके मज़ेदार विचार झलकते हैं। इसमें उन्होंने अपने रोज़मर्रा के अनुभवों को व्यंग्य और ह्यूमर के साथ पेश किया है। ट्विंकल की लिखावट में एक अलग ही चार्म और ईमानदारी नजर आती है। यह किताब पाठकों को हंसाते हुए जिंदगी को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देती है।

शिल्पा शेट्टी की द ग्रेट इंडियन डाइट, स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार पर आधारित है। इसमें भारतीय खाने के ज़रिए फिट और एनर्जेटिक रहने के आसान तरीके बताए गए हैं। किताब में डाइट प्लान, न्यूट्रिशन टिप्स और हेल्दी आदतों पर खास जोर दिया गया है। यह पाठकों को सही खान-पान अपनाकर बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।

कल्कि कोचलिन की किताब ए प्ले इन मैडनेस एक अनोखा नाटक संग्रह है, जिसमें उनकी रचनात्मकता और गहराई झलकती है। इसमें मानसिकता, रिश्तों और समाज से जुड़े जटिल पहलुओं को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया गया है। कल्कि की लेखन शैली साहसी और अलग सोच को दर्शाती है। यह किताब पाठकों को नई दृष्टि से सोचने और समझने के लिए प्रेरित करती है।

कुब्रा सैत की किताब ओपन बुक: नॉट क्वाइट ए मेमॉयर, एक बेबाक और भावनात्मक सफर को बयान करती है। इसमें उन्होंने अपनी ज़िंदगी के कठिन अनुभवों, संघर्षों और आत्म-खोज को खुलकर साझा किया है। कुब्रा ने बिना झिझक अपनी सच्चाई और कमजोरियों को स्वीकार किया है। यह किताब खुद को समझने और अपनी कहानी को अपनाने की ताकत देती है।

सोहा अली खान की किताब द पेरिल्स ऑफ बिंग मॉडरेटली फेमस, एक मजेदार और आत्म-चिंतन से भरी आत्मकथा है। इसमें उन्होंने अपने परिवार, करियर और निजी जिंदगी के अनुभवों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में साझा किया है। सोहा की लिखावट में ह्यूमर और ईमानदारी का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है।यह किताब पहचान, प्रसिद्धि और खुद की जगह तलाशने की कहानी को दिलचस्प तरीके से पेश करती है।

नीना गुप्ता की किताब सच कहूँ तो , बेबाक और सच्ची आत्मकथा है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव खुलकर साझा किए हैं। इसमें उनके करियर, रिश्तों और संघर्षों की अनकही कहानियाँ सामने आती हैं। साथ ही इसमें नीना गुप्ता ने बिना लाग-लपेट अपने फैसलों और अनुभवों पर ईमानदारी से बात की है। यह किताब पाठकों को प्रेरित करती है कि अपनी सच्चाई को स्वीकार करना ही सबसे बड़ी ताकत है।

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