दरभंगा , अक्टूबर 15 -- ारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) ने गुरुवार को लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान में मतदाता अधिकार सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, विश्वविद्यालयों की बदहाली, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, महंगाई और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा माले के युवा विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि देश में छात्र-युवा आंदोलन बदलाव की नई उम्मीद पैदा कर रहा है। जंतर-मंतर से उठे संघर्ष, लोकतंत्र, रोजगार और शिक्षा के अधिकार के संदेश को गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक पहुंचाने की जरूरत है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा की बेहतरी, रोजगार के अवसरों और युवाओं के सम्मानजनक भविष्य की लड़ाई को मजबूत करने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद, शैक्षणिक सत्र में देरी, शोधार्थियों की समस्याएं, पुस्तकालयों एवं प्रयोगशालाओं की बदहाल स्थिति और रोजगार के सीमित अवसर युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। इन सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाना समय की मांग है।
भाकपा माले पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र मिथिलांचल की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी हजारों युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आज भी चुनौती बनी हुई है।उन्होंने कहा कि स्नातक क्षेत्र के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को लगातार उठाने की है। शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों पर जनपक्षधर पहल करने के साथ सरकार और संबंधित संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करना जरूरी है।
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