चेन्नई , फरवरी 13 -- मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार ने 'कलैग्नार महिला अधिकार निधि योजना' (कलैग्नार मगलिर उरिमाई थोगई थिट्टम) के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में शुक्रवार को 5,000-5,000 रुपये जमा कर दिये। इस योजना के तहत महिलाओं को अब तक प्रतिमाह 1,000 रुपये दिए जा रहे थे।
राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले इसे एक बड़े राजनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बिहार से संकेत लेते हुए आज सुबह महिला लाभार्थियों के खाते में पैसे डालने के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी सूचना दी, जिससे पूरा विपक्ष हैरान रह गया।
विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है और यह कदम चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से कुछ दिन पहले आया है।
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने चुनाव के बहाने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता रोकने की कोशिश को पहले ही भांप लिया और फरवरी, मार्च तथा अप्रैल के लिए कुल 3,000 रुपये का अग्रिम भुगतान, प्रत्येक लाभार्थी के लिए 2,000 रुपये के विशेष ग्रीष्मकालीन भत्ते (समर अलाउंस) के साथ जमा कर दिया है।"श्री स्टालिन ने सत्ता में लौटने पर इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को वर्तमान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह करने का वादा करते हुए कहा कि यह 'उनकी बहनों' को दिया गया वचन है, जिनके अटूट समर्थन से द्रविड़ मॉडल 2.0 निश्चित रूप से लगातार दूसरी बार सत्ता में आएगा।
चूंकि यह घोषणा अचानक हुई, इसलिए विपक्ष दंग रह गया। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने द्रमुक पर इसकी नकल करने का आरोप लगाया है, क्योंकि अन्नाद्रमुक ने पहले इस योजना का नाम बदलकर 'अम्मा कुल विलक्कू' (अम्मा परिवार की रोशनी) करने के साथ ही सभी राशन कार्डधारकों के लिए इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की थी।
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