चेन्नई , अप्रैल 12 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने सोमवार को धान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक बोनस के भुगतान को लेकर चल रहे विवाद पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दावे का खंडन किया और उन्हें इस संबंध में राज्य सरकार को भेजे गए पत्र को सार्वजनिक करने की चुनौती दी।

श्री स्टालिन ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखे उनके पत्र का हवाला दिया जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से मौजूदा बोनस नीति की समीक्षा करने और बोनस को बंद करने पर विचार करने का अनुरोध किया था क्योंकि धान पर दिए जाने वाले अतिरिक्त बोनस के कारण बंपर उत्पादन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल देते हुए कि उन्होंने न तो पत्र में मौजूद किसी बात के लिए मना किया था और न ही ऐसा करने की कोई आवश्यकता थी और सुश्री सीतारमण के उस ट्वीट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि धान किसानों को एमएसपी से अधिक बोनस देने पर विचार करना राज्य सरकारों पर निर्भर है और किसी ने भी ऐसे अधिकार नहीं छीने हैं।

श्री स्टालिन ने एक्स पर श्रीमती सीतारमण के पोस्ट का खंडन करते हुए, कहा कि राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उनसे राज्य सरकार की मौजूदा बोनस नीति की समीक्षा करने और धान पर बोनस बंद करने पर विचार करने के लिए कहा गया था।

श्री स्टालिन ने सुश्री सीतारमण को चुनौती भी दी कि अगर उसका दावा सच है तो वह उस पत्र को सार्वजनिक डोमेन में रखे।

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