चेन्नई , फरवरी 06 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई में स्थित विशाल कन्नेमारा सार्वजनिक पुस्तकालय - राज्य संग्रहालय परिसर में कार्ल मार्क्स की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर द्रमुक के शीर्ष नेताओं और मंत्रियों के अलावा, कांग्रेस, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और दोनों वामपंथी दलों सहित द्रमुक के गठबंधन सहयोगियों के नेता भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कार्यक्रम स्थल पर कार्ल मार्क्स के जीवन इतिहास को दर्शाने वाली एक फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उन पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी देखा। श्री स्टालिन अपने पिता और दिवंगत द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि की तरह ही भी यह दावा करते रहे हैं कि द्रविड़ विचारधारा साम्यवादी विचारधारा के समान है और यही कारण है कि द्रमुक के झंडे का आधा हिस्सा लाल रंग का है।

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में श्री स्टालिन ने विदेशी निवेश की तलाश में अपनी लंदन यात्रा के दौरान हाईगेट कब्रिस्तान स्थित मार्क्स के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने उस अवसर पर अंबेडकर स्मारक का भी दौरा किया था।

कुछ दिन पहले चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 100वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री स्टालिन ने कहा था कि द्रविड़ विचारधारा और साम्यवादी विचारधारा दोनों ही जातिवाद, वर्ग विभाजन, अधिनायकवाद और उत्पीड़न के सभी रूपों के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर दिया था कि फासीवाद, सांप्रदायिकता और तानाशाही को हराने के लिए काले, लाल और नीले रंग की विचारधाराओं को एक साथ खड़ा होना चाहिए।

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