अल्मोड़ा , जुलाई 02 -- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में गुरुवार को स्टांप शुल्क के 18 मामलों का निस्तारण कर 24.33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से स्टाम्प शुल्क की कमी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में यह बड़ी कार्रवाई कर 18 मामलों का निस्तारण किया गया है। अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने सभी मामलों में दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर देने के बाद नियमानुसार निर्णय पारित किए।
जांच में पाया गया कि कई विक्रय विलेखों में भूमि एवं उस पर स्थित भवनों, वृक्षों, भूमि की वास्तविक प्रकृति तथा उपयोग से संबंधित तथ्यों का सही उल्लेख नहीं किया गया था। गलत जानकारी प्रस्तुत कर स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क कम जमा कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। सुनवाई के दौरान स्टाम्प शुल्क की कमी पाए जाने पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
न्यायालय ने सभी 18 मामलों में कम जमा किए गए स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क की वसूली के साथ वैधानिक दंडा तथा विलेख निष्पादन की तिथि से आदेश की तिथि तक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से जुर्माना लगाया है।
इन मामलों में कुल 24,33,990 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 8,32,853 रुपये राजकोष में जमा कराए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है। संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए हैं और निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर वसूली भू-राजस्व के बकाये के रूप में की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी मिश्र ने कहा कि स्टाम्प शुल्क चोरी पर अंकुश लगाने और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
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