जगदलपुर , अगस्त 04 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के इंटर्न और पीजी रेजिडेंट स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

प्रदर्शनकारी मेडिकल कॉलेज परिसर की पार्किंग में तिरपाल बिछाकर धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इंटर्न और पीजी रेजिडेंट का कहना है कि वे पिछले सप्ताह से अपने-अपने वार्डों में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन मांगों पर कोई निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कहा, "मान सम्मान स्टाइपेंड हमारा अधिकार है। समयबद्ध स्टाइपेंड हमारी आवश्यकता है। इंटर्न व पीजी डॉक्टरों का शोषण बंद किया जाए।"उनका दावा है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट को सबसे कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में पीजी-1 का स्टाइपेंड 67 हजार पांच सौ रुपये तथा यूजी इंटर्न का स्टाइपेंड 15 हजार 900 रुपये है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।

हड़ताल के बीच अस्पताल प्रशासन ने 100 से अधिक हड़ताली इंटर्न की जगह जूनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर लगाया है। बताया जा रहा है कि इससे जूनियर डॉक्टरों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है और उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न राज्यों में दिए जा रहे यूजी इंटर्न स्टाइपेंड का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार ओड़िशा में 40 हजार 953 से 44 हजार 319 रुपये, पश्चिम बंगाल में 43 हजार 99 रुपये, असम में 36 हजार 225 रुपये, कर्नाटक में 26 हजार 3 सौ से 30 हजार रुपये, बिहार में 20 से 27 हजार रुपये, दिल्ली में 30 हजार सात सौ से 34 हजार 310 रुपये, झारखंड में 25 से 30 हजार रुपये, तेलंगाना में 29 हजार से अधिक, केरल में 26 हजार से 27 हजार रुपये तथा मेघालय में 27 हजार से 30 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 15 हजार 900 रुपये है।

हड़ताली इंटर्न और पीजी रेजिडेंट ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित