रायपुर , सितंबर 13 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ''सेवा संकल्प अभियान'' के तहत स्कूलों की भागीदारी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि शिक्षण संस्थानों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इससे संबंधित आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की है।

श्री बैज ने रविवार को यहां जारी बयान में कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों की ओर से सेवा संकल्प अभियान को लेकर जारी निर्देश शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को राजनीतिक प्रचार में शामिल कर रही है।

उन्होंने सवाल किया कि स्कूलों का उपयोग पढ़ाई के बजाय राजनीतिक आयोजनों के लिए क्यों किया जा रहा है और शिक्षकों को अध्यापन के अतिरिक्त ऐसे कार्यक्रमों में क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों, छात्रावासों और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं के बीच सरकार को शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में स्कूल शिक्षक विहीन अथवा एकल शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उन्होंने स्कूलों को बंद करने, शिक्षकों के पदों में कटौती और नई भर्ती नहीं होने का भी आरोप लगाया। साथ ही स्कूल भवनों, शौचालयों, किताब-कॉपी, गणवेश और छात्रवृत्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

श्री बैज ने कहा कि सरकार यदि जागरूकता अभियान चलाना चाहती है तो शिक्षा व्यवस्था, फीस वृद्धि, बेरोजगारी, छात्रवृत्ति और शिक्षकों की कमी जैसे विषयों पर स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित कर उन्हें किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की प्राथमिक भूमिका बच्चों को शिक्षा देना है और उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से ''सेवा संकल्प अभियान'' के नाम पर स्कूलों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव नहीं डालने की मांग की है।

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