भुवनेश्वर , अगस्त 13 -- ओडिशा उच्च न्यायालय ने राज्य भर के विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाये गये कदमों पर राज्य सरकार से विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रबीर कुमार दास की जनहित याचिका (पीआईएल) पर गुरूवार को सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी किया है।
उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर को तय की, साथ में राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जनहित याचिका में मयूरभंज, कोरापुट और गजपति जिलों की हालिया घटनाओं की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया गया, जहां सरकारी विद्यालयों में कंक्रीट के स्लैब और चारदीवारी गिरने से स्कूली छात्रों की मौत होने की रिपोर्ट मिली थी।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और व्यापक स्कूल सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए एक टास्क फोर्स या विशेषज्ञ समिति के गठन के निर्देश देने की मांग की।
उन्होंने घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग की।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने न्यायालय को सूचित किया कि अगस्त के दौरान पूरे ओडिशा के विद्यालयों में 'सुरक्षा सप्ताह' मनाने के कदम उठाये गये हैं। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि दर्ज घटनाओं की जांच पूरी कर ली गयी है और पीड़ित परिवारों को अनुग्रह सहायता प्रदान कर दी गयी है।
न्यायालय ने इस मुद्दे, विशेषकर ऐसी घटनाओं में छात्रों की जान जाने को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को पूरे ओडिशा के विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए उठाये गये कदमों का विस्तृत ब्योरा रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।
न्यायालय सरकार की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद तीन सितंबर को फिर से इस मामले पर सुनवाई करेगी।
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