बैतूल , सितंबर 20 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 95 किलोमीटर दूर भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोडाजाम के ग्राम उत्तरी और उससे जुड़े बर्राढाना, गोरुढाना तथा पटेलढाना में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजना ने लंबे समय से जारी जल संकट का समाधान किया है। योजना से करीब 760 ग्रामीणों को राहत मिली है और अब घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने का कार्य प्रगतिरत है।
आदिवासी बाहुल्य इन ढानों में ग्रामीण लंबे समय से पेयजल और निस्तारी के लिए कुएं, नदी, झिरिया और दो हैंडपंपों पर निर्भर थे। गर्मी में जलस्तर नीचे चले जाने से संकट और गहरा जाता था। महिलाओं और विद्यार्थियों को पानी जुटाने में काफी समय लगने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, जबकि मजदूरों का समय भी पानी की व्यवस्था में खर्च होता था।
गांव में विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं होने और अधिक गहराई पर जलस्तर होने के कारण पारंपरिक नल-जल योजना तथा हैंडपंप स्थापित करना चुनौतीपूर्ण था। वर्ष 2024 की गर्मी में समस्या गंभीर होने पर जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आया। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जनपद पंचायत ने समन्वय से स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू किया।
पीएचई विभाग ने पहले स्थान पर बोर किया, जो सफल नहीं हुआ। इसके बाद दूसरे स्थान पर किए गए बोर में पानी मिलने पर सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था स्थापित की गई। सोलर प्लेट से संचालित 7.5 अश्वशक्ति की मोटर के माध्यम से पानी निकालकर उसका परीक्षण कराया गया, जो पेयजल के लिए उपयुक्त पाया गया। इसके बाद ग्राम और सभी ढानों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि घर तक पानी पहुंचने से अब दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भरता कम होगी। मुंगीलाल, हिरालाल, केंडे तुमला और बालाजी धाकु सहित ग्रामीणों ने योजना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
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