हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) , मई 18 -- हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर के ऐतिहासिक गसोटा महादेव मंदिर में सोमवार (ज्येष्ठ माह का पहला सोमवार) से सात दिवसीय पशु मेले का शुभारंभ हुआ।

हमीरपुर के एसडीएम ने मेले का उद्घाटन किया और यह 25 मई तक चलेगा। एसडीएम ने बैल की पूजा कर मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सैकड़ों स्थानीय लोग उपस्थित थे।

लगभग 400 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक पशु मेले का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। गसोटा महादेव मंदिर में हजारों वर्षों से एक शिवलिंग स्थापित है।

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, जब एक किसान अपने खेत की जुताई कर रहा था, तभी उसी स्थान से पहले पानी, फिर दूध और उसके बाद खून बहने लगा।

इसके बाद, किसान को स्वप्न में एक दर्शन हुआ, जिसमें उसने स्वयंभू शिवलिंग को देखा और उसे वहां स्थापित करने का दिव्य निर्देश प्राप्त हुआ।

ग्रामीणों के सहयोग से शिवलिंग को विधिवत उस स्थान पर स्थापित किया गया, जिसे अब आस्था और परंपरा के केंद्र के रूप में पूजा जाता है।

पूर्वकाल में, यह मेला किसानों और पशुपालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह एक चहल-पहल भरा बाज़ार था जहां बड़ी संख्या में बैल और दुधारू पशुओं की खरीद-बिक्री होती थी।

समय के साथ, कृषि में ट्रैक्टरों के बढ़ते उपयोग और पारंपरिक पशुपालन प्रथाओं में कमी के कारण इस परंपरा में बदलाव आया है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद ने बताया कि आज भी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों के व्यापारी मेले में भाग लेने आते हैं, हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में उनकी संख्या कई गुना कम हो गयी है।

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