पटना , जुलाई 22 -- ाटलिपुत्र जंक्शन से सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुए 1100 श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार को पूर्वाह्न 11:40 बजे गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन पर श्रद्धालुओं का पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और गरबा नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत समारोह के दौरान पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' के जयघोष और शिवभक्ति से गुंजायमान रहा।

यात्रा में शामिल बक्सर की श्रद्धालु पिंकी पाठक ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित यह पहल न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को इस पावन यात्रा में शामिल होने का अवसर प्रदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें भगवान सोमनाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

नालंदा के रहने वाले यात्री श्रवण कुमार ने कहा कि सोमनाथ की यात्रा के लिए ह्दय सम्राट मुख्यमंत्री का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। सोमनाथ में भगवान भोलेशंकर की दर्शन कर हम सभी अपने राज्य के उज्जवल भविष्य की कामना करेंगे। राज्य के युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारा बिहार भारत के तेजी से विकसित राज्य की मिसाल बनेगा।

वहीं यात्रा में शामिल पूर्णिया के रहने वाले लाखो देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हम सभी को सोमनाथ के दर्शन पर भेज सावन से पहले सुनहरा तोहफा दिया है। इसके लिए हम सभी बिहारवासी दिल से धन्यवाद व्यक्त करते है। भगवान शिव के सोमनाथ की यात्रा एक जागृति यात्रा है। जो विकसित भारत 2047 का संकल्प सुदृढ होगा।

गौरतलब है कि राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से आयोजित इस निशुल्क तीर्थयात्रा को पाटलिपुत्र जंक्शन से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। सात दिनों तक चलने वाली इस यात्रा अवधि में श्रद्धालुओं को दर्शन से लेकर आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा और सुरक्षा तक की पूरी जवाबदेही सरकार की ओर से मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।

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