श्रीनगर , मई 16 -- जम्मू-कश्मीर के सोपोर उप-जिले में पुलिस ने शनिवार को एक आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत एक घोषित अपराधी की अचल संपत्ति कुर्क की है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में आतंकी इकोसिस्टम के खिलाफ जारी इस कार्रवाई के तहत पिछले तीन दिनों में कुर्क की गई यह तीसरी संपत्ति है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2008 में थाना पांजला में ई एंड आईएमसीओ अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज एक प्राथमिकी के संबंध में की गयी है। नदिहाल रफियाबाद के निवासी और घोषित अपराधी रशीद-उद-दीन कुरैशी की संपत्ति शनिवार को कुर्क किया गया।

जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी अवैध हथियारों और गोला-बारूद के प्रशिक्षण के लिए अवैध रूप से सीमा पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) चला गया था। वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा है और वर्तमान में पाकिस्तान से इस नेटवर्क का संचालन कर रहा है।

पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से नदिहाल के लशदेज में दो कनाल भूमि पर कुर्की की कार्यवाही को अंजाम दिया, जिसका बाजार मूल्य लाखों में आंका गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से कानूनी कार्यवाही से बच रहा था, जिसके कारण अदालत ने उसे सीआरपीसी की धारा 88 के तहत 'घोषित अपराधी' करार दिया था।

अदालती आदेशों के अनुपालन में, राजस्व रिकॉर्ड के सत्यापन और स्थानीय पूछताछ के बाद स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए संपत्ति कुर्क की गई।

सोपोर पुलिस ने बताया कि आतंकी गुर्गों, भगोड़ों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ यह निरंतर जारी अभियान का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करना, आतंकी नेटवर्क को बाधित करना और उनके वित्तपोषण व समर्थन ढांचे को खत्म करना है। पुलिस ने दोहराया कि देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध इस तरह की कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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