मुंबई , अगस्त 25 -- रक्षाबंधन के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों ने भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी अपनी खास यादें और भावनाएं साझा कीं। कलाकारों ने बताया कि उनके लिए यह त्योहार केवल राखी बांधने और उपहार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बचपन की यादों, प्यार, अपनापन और एक-दूसरे का साथ निभाने के वादे से जुड़ा है।
'यादें' में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे इकबाल खान ने कहा कि उनकी बहनें उनके लिए बेहद अहम हैं और रक्षाबंधन उनसे जुड़ी कई यादें ताजा कर देता है। उन्होंने बताया कि उनकी स्कूल की सीनियर किस्मत आहलूवालिया, जो फिलहाल हांगकांग में रहती हैं, कई वर्षों से उन्हें हर रक्षाबंधन पर राखी भेजती हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा उनके लिए बेहद खास है और वह वर्षों से मिली राखियों को संभालकर रखते हैं।
'हस्तिनापुर के वीर' में कुंती की भूमिका निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने कहा कि उनके लिए रक्षाबंधन का महत्व उपहार से अधिक उससे जुड़ी भावनाओं में है। उन्होंने बताया कि उनके भाई द्वारा दिया गया एक नेकलेस आज भी उनके पास है, जिसे वह पहनती हैं। उनके अनुसार, यह उपहार भाई-बहन के मजबूत होते रिश्ते की याद दिलाता है।
'पुष्पा इम्पॉसिबल' में अश्विन का किरदार निभा रहे समरिध बावा ने बताया कि अलग शहर में रहने के बावजूद उनकी बहनें यह सुनिश्चित करती हैं कि वह रक्षाबंधन से दूर न रहें। वे उन्हें राखी डाक से भेजती हैं और त्योहार के दिन उनके साथ न होने के बावजूद इसे खास बनाने का कोई न कोई तरीका जरूर निकालती हैं।
इसी धारावाहिक में चिराग की भूमिका निभा रहे नितिन बाबू ने कहा कि उनके लिए राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि वर्षों की यादों, प्यार और हमेशा साथ रहने के वादे का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वह अपने भाई-बहनों की पुरानी राखियां और उपहार आज भी संभालकर रखते हैं। उनकी बहन की दी हुई जैकेट भी उनके लिए बेहद खास है, जिसे वह आज भी पहनते हैं।
'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने कहा कि रक्षाबंधन उनके लिए रस्म से अधिक रिश्ते का उत्सव है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन द्वारा वर्षों पहले बनाई गई राखी आज भी उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि हर साल वह अपनी बहन और परिवार के लिए चाट बनाकर 'गोलगप्पे वाला भैया' बनने की परंपरा निभाते हैं।
'पुष्पा इम्पॉसिबल' में शनाया की भूमिका निभा रहीं मुस्कान बामने ने कहा कि भाई-बहन एक-दूसरे को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। उनके मुताबिक, छोटी-छोटी नोकझोंक और बचपन की यादें इस रिश्ते को खास बनाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई उन्हें पेंटिंग के शौक को देखते हुए रंगीन पेन, मार्कर और हाईलाइटर जैसी स्टेशनरी उपहार में देते हैं।
कलाकारों ने कहा कि समय और दूरी भले ही भाई-बहन के बीच आ जाए, लेकिन इस रिश्ते का अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव हमेशा कायम रहता है।
दर्शक 'यादें', 'हस्तिनापुर के वीर' और 'पुष्पा इम्पॉसिबल' का प्रसारण सोनी सब पर देख सकते हैं।
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