मुंबई , मार्च 06 -- ोनी सब के कलाकारों ने महिला दिवस पर बताया है कि उनके लिए महिला होने की ताकत का मतलब क्या है।
महिला दिवस सिर्फ जश्न का दिन नहीं है, बल्कि उन अलग-अलग भूमिकाओं को पहचानने का दिन है जिन्हें महिलाएं हर रोज़ निभाती हैं और जिनका असर हमारी ज़िंदगी पर गहराई से पड़ता है। ऑन-स्क्रीन, सोनी सब के किरदार अक्सर मज़बूत, संवेदनशील और दृढ़ महिलाओं को दिखाते हैं चाहे वह मां हो जो परिवार को जोड़कर रखती है, कोई युवती जो अपनी आवाज़ खोज रही है, या साथी जो बराबरी से खड़ा है। ऑफ-स्क्रीन भी ये कहानियां उतनी ही व्यक्तिगत लगती हैं।
इस महिला दिवस पर सोनी सब के कलाकार करुणा पांडे, अक्षया हिंदालकर और श्रेनु पारिख ने बताया है कि उनके लिए महिला होने की ताकत का मतलब क्या है। उनके साथ अविनेश रेखी और रजत वर्मा भी अपनी ज़िंदगी की उन महिलाओं के बारे में बात करते हैं जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया है और कैसे ऑन-स्क्रीन गहरे किरदार निभाने से महिलाओं की ताकत के प्रति उनका सम्मान और बढ़ा है।
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