नैनीताल , अक्टूबर 18 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले में सोनाली नदी के किनारे की जमीन से समयबद्ध ढंग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने 15 अक्टूबर को जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया। आदेश की प्रति रविवार को उपलब्ध हुई।
हरिद्वार के ग्राम अब्दीपुर, पोस्ट प्रह्लादपुर निवासी रविंद्र कुमार ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सोनाली नदी के किनारे की भूमि पर भू-माफिया और अन्य लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों की है, वे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित भूमि श्रेणी 6(1) (जलाशय) में दर्ज है और बरसात में पानी में डूबी रहती है। आसपास के गांवों के लोग सूखे मौसम में इस पर खेती करते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया कि इस भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों को विधिक प्रक्रिया अपनाकर हटाया जाएगा।
राज्य के इस कथन को दर्ज करते हुए खंडपीठ ने याचिका का निस्तारण कर दिया और संबंधित उप जिलाधिकारी (एसडीएम)/सहायक कलेक्टर को निर्देश दिए कि अनधिकृत कब्जे वाले लोगों को 15 दिन में नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जाये।
जवाबों पर विचार के बाद कानून के अनुसार उचित आदेश पारित किया जाए। साथ ही अनधिकृत कब्जेदार पाए जाने वालों को जलाशय की भूमि से हटाया जाए। यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के एक वर्ष के भीतर पूरी की जाए।
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