लखनऊ , जुलाई 18 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित तौर पर आमरण अनशन स्थल से बलपूर्वक हटाए जाने की घटना की शनिवार को निंदा करते हुए कहा कि उनकी चिकित्सा न्यायिक निगरानी में कराई जानी चाहिए।
श्री यादव ने 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा, " सोनम वांगचुक को ''बल-प्रयोग'' करके उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना ''अत्यंत निंदनीय'' है। घटना की खबर देश और दुनिया में फैल चुकी है तथा इसे लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश है।"सपा प्रमुख ने मांग की कि कार्रवाई को अंजाम देने वाले सादी वर्दी में मौजूद लोगों की पहचान सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में होनी चाहिए क्योंकि उनका जीवन ''मानवता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा, विज्ञान और नवाचार'' के लिए महत्वपूर्ण है।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि इस घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मानवीय और लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया भाजपा सरकार को संदेह की नजर से देख रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने कभी महात्मा गांधी और उनके गांधीवादी तौर-तरीकों में विश्वास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति संवाद के बजाय विवाद पर आधारित है।
उन्होने कहा कि भाजपा जहां भी एकता, सौहार्द और लोकतांत्रिक आंदोलनों को देखती है, वहां उन्हें कमजोर करने का प्रयास करती है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि नई पीढ़ी डिजिटल माध्यमों से वैचारिक एकजुटता कायम करने में सक्षम है।
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