नयी दिल्ली , जुलाई 18 -- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हालत स्थित है, वह होश में हैं. लेकिन उनमें डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) के लक्षण दिख रहे हैं।
सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार शाम को जारी अपनी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा कि श्री वांगचुक की नाड़ी, उच्च रक्तचाप और रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की मात्रा अभी सामान्य हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी हालत को और बिगड़ने से बचाने और गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत है।
अस्पताल ने बताया कि यहां स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एक विशेषज्ञ ने श्री वांगचुक की जांच की और इलाज करने वाली टीम के इस आकलन से सहमति जताई कि तुरंत पानी की कमी और शरीर में जरूरी खनिजों के असंतुलन को ठीक करने के लिए चिकित्सा सहायता की जरूरत है। एम्स का एक डॉक्टर भी इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गया है और लगातार निगरानी और क्लिनिकल प्रबंधन के लिए उपलब्ध रहेगा।
बुलेटिन में कहा गया है कि इलाज करने वाली टीम और एम्स के स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद श्री वांगचुक ने पानी की कमी और शरीर में जरूरी खनिजों के असंतुलन को दूर करने के लिए सभी दवाओं को लेने से इनकार कर दिया है।
इसमें कहा गया है कि मरीज के परिवार ने अभी तक सुझाई गयी मेडिकल प्रक्रिया के लिए सहमति नहीं दी है। डॉक्टरों ने कहा कि श्री वांगचुक की कड़ी मेडिकल निगरानी जारी है। इलाज करने वाली टीम मरीज और उनके परिवार को सहमति देने और उनकी सेहत की सुरक्षा और टलने योग्य जटिलताओं को रोकने के लिए जल्द से जल्द सुझाई गई चिकित्सा को स्वीकार करने के लिए समझाने की पूरी कोशिश कर रही है।
इससे पहले दिन में श्री वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गयी थी। उन्होंने जंतर-मंतर पर 20 दिन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पूरी की थी, जहां वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में उठाया गया था। पुलिसकर्मी सुबह होने से पहले ही विरोध स्थल पर पहुंच गए थे और 59 वर्षीय कार्यकर्ता को अस्पताल ले गए थे।
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