सोनभद्र , जनवरी 12 -- उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले की एक अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर 20 साल कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।

अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि करीब साढ़े छह वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाकर दोषी द्वारिका धांगर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 40 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 26 जुलाई 2019 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर द्वारिका धरिकार 16 जुलाई 2019 को रात्रि 8 बजे कहीं भगा ले गया। इस तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने 26 जुलाई 2019 को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान दुष्कर्म की धारा की बढोत्तरी हुई। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने द्वारिका धरिकार के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

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