पटना , अक्टूबर 13 -- जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना ने सैनिटरी पैड निर्माण मशीनों की पूरी आपूर्ति नहीं करने के मामले में विक्रेता को शिकायतकर्ता की 1.30 लाख रुपये की राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने तथा मानसिक पीड़ा और आजीविका के अवसरों के नुकसान के लिए 75 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

आयोग ने मुकदमे के खर्च के रूप में भी 10 हजार रुपये भी देने का निर्देश दिया है।

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता बिहार उद्यमी योजना की लाभार्थी थीं। उन्होंने इंडिया मार्ट के माध्यम से सैनिटरी पैड निर्माण मशीनें खरीदने के लिए विक्रेता को तीन लाख रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। हालांकि, विक्रेता ने कुछ मशीनों की ही आपूर्ति की और शेष आवश्यक मशीनें उपलब्ध नहीं कराईं।

शिकायतकर्ता की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने और कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना के समक्ष पहुंचा।

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