चंडीगढ़ , जून 23 -- हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा करने वाले सैनिकों का ऋण कोई भी समाज या राष्ट्र नहीं चुका सकता, लेकिन सरकार उनके और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों के हितों की रक्षा के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया गया था। वर्ष 2026-27 के बजट में सैनिकों के पुनर्वास और आजीविका संवर्धन के लिए हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम स्थापित करने की घोषणा की गयी है। साथ ही विभाग के बजट में लगभग 59 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 178.14 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 420 शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसके अलावा सशस्त्र पुलिस बलों और अग्निवीरों के लिए वीरता पुरस्कार राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने की नीति लागू की है। इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल पहले ही मंजूरी दे चुका है।
श्री सिंह ने बताया कि गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, झज्जर, नूंह, फतेहाबाद, जींद, नारनौल और रेवाड़ी में एकीकृत सैनिक सदनों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। रेवाड़ी में सैनिक संग्रहालय और नसीबपुर (नारनौल) में युद्ध स्मारक स्थापित करने की भी योजना है।
उन्होंने सेवानिवृत्त केंद्रीय अर्धसैनिक बल कर्मियों से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
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