जगदलपुर , अक्टूबर 04 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में आयोजित सेवा सेतु शिविरों में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ''नमो सेवा गाथा'' लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नाटक के माध्यम से विद्यार्थी शासकीय योजनाओं और देश में हुए विभिन्न बदलावों को अभिनय के जरिए दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं।
नाटक की पटकथा पुराने कॉलेज मित्रों के पुनर्मिलन की कहानी पर आधारित है। इसमें मित्रों के बीच संवाद के माध्यम से माओवाद की समस्या और उस पर नियंत्रण के प्रयास, डिजिटल लेनदेन में यूपीआई के उपयोग तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव को प्रस्तुत किया गया है। बच्चों और दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए इसकी प्रस्तुति में स्थानीय स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं।
नुक्कड़ नाटक के लिए शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर और जगतू माहरा हायर सेकेंडरी स्कूल जगदलपुर के करीब 22 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। नियमित अभ्यास की सुविधा को देखते हुए छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई है। दल में एनसीसी कैडेट भी शामिल हैं।
विद्यार्थियों को बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लैंग्वेज (बादल) के प्रशिक्षकों ने नाट्य प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एकेडमी का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।
बताया गया कि बाढ़ और मौसमी बीमारियों के कारण अभ्यास के दौरान कुछ कठिनाइयां भी आईं, लेकिन विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी जारी रखी। सेवा सेतु शिविरों में आयोजित प्रस्तुतियों की सांसद महेश कश्यप सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सराहना की है।
आयोजकों के अनुसार विद्यार्थियों के इस दल को आगामी सांस्कृतिक और रंगमंचीय आयोजनों में भी प्रस्तुति का अवसर देने की योजना है।
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