भरतपुर , मई 29 -- राजस्थान में भरतपुर के संभाग स्तरीय आरबीएम एवं जनाना अस्पताल में शुक्रवार देर शाम एक मोबाइल सन्देश के जरिये बड़ी संख्या में संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर देने के बाद अस्पताल के संविदाकर्मी कर्मचारी प्रधान चिकित्साधिकारी (पीएमओ) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ को अचानक कार्यमुक्त कर देने से अस्पताल में भर्ती मरीजो के उपचार में गम्भीर संकट पैदा हो गया है। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण किसी मरीज की जान जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।

नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से आरबीएम एवं जनाना अस्पताल में संविदा पर नौकरी करके अपना परिवार पाल रहे हैं, लेकिन एक आदेश से उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जारी आदेश के तहत करीब 171 संविदा नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इनमें से 90 कर्मचारी पिछले तीन वर्ष से और शेष करीब चार महीने से अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

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