रांची , अप्रैल 23 -- झारखंड हाईकोर्ट में चर्चित सेवायत भूमि घोटाला मामले में आज हजारीबाग के पूर्व डीसी और जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।

यह सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में हुई।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया हैं। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

ज्ञातव्य है विनय चौबे पिछले लगभग 11 महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी, जिस पर गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। यह पूरा मामला हजारीबाग में सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ हैंआरोप है कि विनय चौबे जब हजारीबाग के उपायुक्त पद पर तैनात थे, उसी दौरान नियमों को दरकिनार कर जमीन के लेनदेन में अनियमितता हुई। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है और व्यापक जांच की जा रही हैं।

इस केस में विनय चौबे के अलावा कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया हैं। इनमें उनके करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने अदालत में विनय चौबे की जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया। वहीं विनय चौबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर एस मजूमदार ने अदालत में पक्ष रखा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित