श्रीगंगानगर , जून 01 -- राजस्थान में सहकारिता मंत्री गौतम दक द्वारा एक सिपाही को मात्र तीन मिनट में 17 गालियां देने की घटना ने पूरे राजस्थान में पुलिस कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
इस मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी कल्याण संघ ने सोमवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और मंत्री को तुरंत पद से हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संघ के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक कांता सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और कर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने वहां नारेबाजी की और मंत्री गौतम दक के व्यवहार की तीखी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को मंत्री पद पर बनाये रखना सरकार के लिए बिल्कुल शोभनीय नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि विगत 25 मई को चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाना में मंत्री गौतम दक ने थानाधिकारी और पुलिस कर्मियों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने अश्लील और मर्यादाविहीन भाषा का इस्तेमाल करके एक सिपाही को लगातार गालियां दीं। संघ ने इस घटना को अधिनायकवादी और असंवैधानिक कार्य बताया।
संघ का कहना है कि मंत्री के इस आचरण से न सिर्फ पुलिस विभाग के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों में आक्रोश है बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी गहरी नाराजगी व्याप्त है। हालांकि पद की मजबूरी के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा और अतिरिक्त जिला कलेक्टर रीना छींपा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संघ ने मांग की कि गौतम दकको तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त किया जाये और उनके खिलाफ दर्ज मामलो की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करके उचित कार्रवाई की जाये।
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