चंडीगढ़ , मार्च 09 -- पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद ने कहा है कि हरियाणा में सिरसा फतेहाबाद और हिसार सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में सेम (जलभराव) की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसके कारण हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गयी है। यह स्थिति न केवल किसानों की आजीविका के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन गयी है।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सेम प्रभावित क्षेत्रों के किसान लंबे समय से भारी नुकसान झेल रहे हैं। जलभराव के कारण उनकी जमीन पर खेती करना मुश्किल हो गया है और कई गांवों में हजारों एकड़ भूमि अनुपयोगी होती जा रही है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी और स्थायी योजना लागू नहीं की गयी है।

उन्होंने कहा कि सरकार को सेम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तुरंत व्यापक और वैज्ञानिक योजना तैयार करनी चाहिए। इसके तहत भूमिगत जल निकासी प्रणाली को मजबूत किया जाये, पानी की निकासी के लिए नयी योजनायें बनायी जायें और आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रभावित भूमि को फिर से कृषि योग्य बनाने के ठोस कदम उठाये जायें।

कुमारी सैलजा ने मांग की कि जब तक सेम से प्रभावित भूमि पूरी तरह से खेती के योग्य नहीं हो जाती तब तक किसानों को हर साल उचित मुआवजा दिया जाये ताकि उनके आर्थिक नुकसान की भरपायी हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे प्रभावित किसान परिवारों को राहत मिल सके।

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