श्रीनगर , मई 01 -- ऊंचाई वाली जगह पर चिकित्सा देखभाल और मानवीय पहुंच के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सेना ने 153 जनरल अस्पताल लेह में चार दिवसीय उन्नत सर्जिकल नेत्र शिविर, 'ऑपरेशन नेत्रा 1.0' का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
27 से 30 अप्रैल तक आयोजित इस शिविर का उद्घाटन 14 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने किया।
शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि शिविर में लद्दाख के सात जिलों के कुल 950 मरीजों की जांच की गयी। इनमें चुशुल, हानले, दुरबुक, डेमचोक, फुकचे, द्रास, जांस्कर, बटालिक, चुमाथांग और तुरतुक जैसे दूरदराज के इलाके शामिल थे।
ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने सफलतापूर्वक 214 विशेष प्रक्रियाओं को अंजाम दिया। इनमें 197 जटिल मोतियाबिंद सर्जरी और 10 विट्रो-रेटिनल हस्तक्षेप शामिल थे। साथ ही, ग्लूयड इंट्राऑकुलर लेंस इम्प्लांटेशन, मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी, विट्रेक्टोमी, टेरीजियम एक्सीजन और इंट्राऑकुलर लेंस रिपोजिशनिंग जैसी उन्नत प्रक्रियाएं भी की गयीं और 15 पूर्ण रूप से दृष्टिहीन मरीजों की रोशनी वापस लायी गयी।
इस अभियान का मुख्य आकर्षण 153 जनरल अस्पताल के स्वदेशी रूप से विकसित 'ऑपरेशन नेत्रा ऐप' की शुरूआत थी।
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