नयी दिल्ली , जनवरी 21 -- सेना की तोपखाना रेजिमेंट ने वार्षिक फायरिंग शक्ति प्रदर्शन और प्रशिक्षण अभ्यास 'तोपची' में बुधवार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित स्कूल ऑफ आर्टिलरी, देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

सेना के प्रवक्ता के अनुसार इस अभ्यास में उन्नत फायरिंग शक्ति और निगरानी प्रौद्योगिकी के एकीकरण को प्रदर्शित किया गया जिसमें तोपें, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और विमानन संसाधन शामिल थे।

अभ्यास के दौरान स्वदेशी तोपखाना प्रणालियों सहित विभिन्न हथियारों से फायरिंग की गई। के-9 वज्र स्वचालित तोप, एम 777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, 155 मिमी एफएच77बी02 (बोफोर्स), सोल्टम, धनुष, 105 मिमी भारतीय फील्ड तोप (आईएफजी), लाइट फील्ड गन (एलएफजी), 120 मिमी मोर्टार, ग्रैड बीएम-21 और पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर की जबरदस्त फायरिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस वर्ष पहली बार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 'गन डिटैचमेंट्स' और ड्रोन के साथ नौसेना के नाविकों ने भी इस वार्षिक अभ्यास में भाग लिया। पैराशूट रेजिमेंट के छाताधारी सैनिकों ने पैरामोटर्स और हैंड ग्लाइडर्स के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

प्रवक्ता ने कहा कि यह अभ्यास भारतीय तोपखाने की पेशेवर दक्षता और संचालन उत्कृष्टता का सशक्त प्रमाण है। यह संचालन तत्परता, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नति और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पर जोर को दर्शाता है, जो आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर भारत के ध्यान को प्रतिबिंबित करता है।

इस अवसर पर डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन एवं डिफेंस सर्विसेज टेक्निकल स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारी, नेपाल आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के छात्र अधिकारी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय नागरिक तथा महाराष्ट्र के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र उपस्थित थे।

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