नयी दिल्ली , मई 08 -- सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आर आर) अस्पताल का नेत्र विज्ञान विभाग , अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी के सहयोग से शनिवार को यहां पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन का आयोजन कर रहा है जिसका उद्घाटन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ करेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि दो दिन का यह शैक्षणिक कार्यक्रम दिल्ली छावनी के मानेकशॉ सेंटर में होगा और इसका विषय "अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी - सशस्त्र बल नेत्र विज्ञान अद्यतन" है। इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख तथा रक्षा सचिव भी उपस्थित रहेंगे।
इस कार्यक्रम में देशभर के लगभग 200 प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ सैन्य क्षेत्र के उत्कृष्ट नेत्र विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन में नेत्र विज्ञान के सभी प्रमुख उप-विषयों में नवीनतम प्रगति सहित इस विषय के व्यापक आयामों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, एल वी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, शंकर नेत्रालय तथा अरविंद आई केयर सिस्टम सहित अन्य संस्थानों से 100 से अधिक विशिष्ट संकाय सदस्य भाग लेंगे।
कार्यक्रम में दो अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नेत्र रोग विशेषज्ञ - प्रोफेसर हरमिंदर सिंह दुआ तथा डॉ कॉलिन सियांग हुई टैन - भी भाग लेंगे। प्रोफेसर दुआ रासायनिक नेत्र चोटों पर अपने अग्रणी अनुसंधान तथा "दुआ लेयर" की ऐतिहासिक खोज के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, जिसने कॉर्निया की संरचना संबंधी अध्ययन में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। डॉ ल हुई टैन नेशनल हेल्थकेयर ग्रुप आई इंस्टीट्यूट के फंडस इमेज रीडिंग सेंटर के प्रमुख हैं और रेटिना इमेजिंग, डायबिटिक रेटिनोपैथी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नेत्र निदान में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं।
यह सम्मेलन देशभर के युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा विशेषज्ञों से सीखने का प्रेरणादायी मंच सिद्ध होगा। इसका उद्देश्य नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में सार्थक नागरिक-सैन्य सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
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