नोएडा , मार्च 22 -- उत्तर प्रदेश के सेंट्रल नोएडा जोन की बिसरख थाना पुलिस और मानव तस्करी विरोधी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर रुपये मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस मामले में निजी अस्पताल की संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि बच्ची को सकुशल बरामद कर बाल कल्याण समिति के निर्देश पर शेल्टर होम भेज दिया गया है।
रविवार को पुलिस ने यह जानकारी दी! उन्होंने बताया कि मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 21 मार्च को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से थाना पुलिस को मानव तस्करी विरोधी सूचना मिली कि बिसरख क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी द्वारा एक नवजात बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर दो लाख साठ हजार रुपए की मांग की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मानव तस्करी विरोधी एवं बिसरख थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने आवेदिका से संपर्क कर पूरे प्रकरण की पुष्टि की और मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बच्ची को "साईं कृपा शेल्टर होम" में भेज दिया गया, जहां उसकी देखरेख की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान यशिका गर्ग उम्र करीब 33 वर्ष (निजी अस्पताल की संचालक), दिल्ली शाहदरा रोहताश नगर निवासी,वर्तमान पता: पतवाड़ी, बिसरख थाना क्षेत्र , गजेन्द्र सिंह उम्र करीब 35 वर्ष (सफाई कर्मी), बुलंदशहर के ग्राम माचड़,निवासी थाना जहांगीरपुर, तीसरे रंजीत सिंह उम्र करीब 24 वर्ष (ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन), बुलंदशहर ग्राम डिबाई खुर्द, निवासी है।
बिसरख थाना में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और धारा 80 जेजे एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार कहीं और भी जुड़े हैं या नहीं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल कानूनी माध्यमों से ही पूरी करें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था के झांसे में न आएं और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें।
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