एजल , जुलाई 29 -- मिजोरम सरकार ने बुधवार को एक वैकल्पिक नकदी फसल के रूप में सूरजमुखी की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री पी.सी. वनलालमुआता ने कृषि एवं किसान कल्याण निदेशालय से राज्य के सभी 10 जिलों में सूरजमुखी के बीजों के वितरण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही देर से आने वाले खरीफ सीजन के दौरान बड़े पैमाने पर सूरजमुखी की खेती की शुरुआत हो गई।
पारंपरिक फसलों से इतर विविधता लाने का आह्वान करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सूरजमुखी की खेती में किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ आयातित खाद्य तेलों पर भारत की निर्भरता को कम करने की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा, "किसानों को अदरक जैसी पारंपरिक फसलों से आगे देखना चाहिए। सूरजमुखी मौजूदा खेती प्रणालियों के साथ तालमेल बिठाते हुए अतिरिक्त आय का एक अहम जरिया बन सकती है।"श्री वनलालमुआता ने बताया कि देश को अपनी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत खाद्य तेल आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मिजोरम सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और देश के खाद्य तेल उत्पादन में राज्य का योगदान बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन लागू कर रही है।
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