सूरजपुर , अक्टूबर 13 -- छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में मां-बेटे की हत्या के मामले में घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।

इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि पुलिस अधीक्षक से लगातार चर्चा हो रही है और मामले की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार शनिवार को जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर जंगल में मिट्टी में दबा एक युवक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान मृतक की पहचान केशवनगर निवासी सुजल बरेठ के रूप में हुई। सुजल घटना से एक दिन पहले अपनी मां रजनी बरेठ के साथ लापता हो गया था।

युवक की पहचान होने के बाद पुलिस जब केशवनगर स्थित उसके किराए के मकान पर पहुंची और घर का ताला तोड़ा, तो बाथरूम में उसकी मां रजनी बरेठ का शव बरामद हुआ। मां-बेटे के शव अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रजनी बरेठ मूल रूप से जांजगीर जिले की निवासी थीं और पिछले लगभग 15 वर्षों से अपने बेटे के साथ केशवनगर में किराए के मकान में रह रही थीं। वह बेलटीकरी माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं, जबकि उनका बेटा सुजल कार्मेल स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था।

घटना के बाद पुलिस ने न्यायालयिक विज्ञान विशेषज्ञों, खोजी श्वान दल और अन्य जांच टीमों की सहायता से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, घटना के करीब 72 घंटे बीत जाने के बावजूद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस सफलता सामने नहीं आई है।

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