बेंगलुरु , अगस्त 28 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य में सूखे से निपटने के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा और भी तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित किया जाएगा।
उन्होंने सरकार की पहली सूची में कई सूखा-प्रभावित इलाकों को शामिल न किये जाने पर जतायी गयी चिंताओं का जवाब देते हुए कहा कि स्थिति की समीक्षा हरेक 15 दिन में की जाएगी और अगर अतिरिक्त तालुका तय मानदंडों को पूरा करते हैं, तो उन्हें सूखा-प्रभावित श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, " जिन लोगों के तालुका पहली सूची में शामिल नहीं किये गये हैं, उन्हें कोई चिंता नहीं करनी चाहिए। हम स्थिति का आकलन करेंगे और जो तालुका मानदंडों को पूरा करेंगे, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित करेंगे।"सरकार ने अब तक 101 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित किया है, जिनमें से 89 को गंभीर रूप से सूखा-प्रभावित और 12 को मध्यम रूप से प्रभावित श्रेणी में रखा गया है। श्री परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक में इस साल बारिश में 42 प्रतिशत की कमी हुई है और सरकार स्थिति से निपटने के लिए उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि अगस्त के अंत तक केंद्र सरकार को केंद्रीय सहायता के लिए एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य ने सूखा प्रबंधन के लिए 635 करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला किया है, जबकि पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पहले ही 306 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। कर्नाटक के 758 गांवों में 149 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चारे की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठा रही है और चारे के बीज के वितरण के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखना जारी रखेगी और जमीनी स्तर पर किये गये आकलन के आधार पर जरूरी कदम उठाएगी।
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