बेमेतरा , अप्रैल 30 -- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रशासनिक सक्रियता के तहत कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सुशासन तिहार 2026 और आगामी जनगणना 2027 को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

सुशासन तिहार 2026 के तहत जिलेभर में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कुल 38 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही नागरिकों की शिकायतों और मांगों का निराकरण करेंगे। इस बार शिविरों में थीम आधारित नवाचार भी शामिल किए गए हैं, जिससे समाधान प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

कलेक्टर ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी आवेदनों का एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, साथ ही सतत मॉनिटरिंग के जरिए कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।

अभियान के तहत जिले के चारों विकासखंडों में 23 ग्रामीण शिविर और नगरीय निकायों में 15 शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है, जो "सरकार आपके द्वार" की अवधारणा को साकार करता है और जनविश्वास को मजबूत करेगा।

वहीं, जनगणना 2027 को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसका प्रथम चरण एक अप्रैल से 30 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना कार्य किया जाएगा। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।

कलेक्टर ने जनगणना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह देश में योजना निर्माण, संसाधनों के वितरण और विकास की दिशा तय करने का आधार है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे गणना कर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

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