शिवहर , अक्टूबर 27 -- ाष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण , नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पटना के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार संजय अग्रवाल तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा बाल अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना हैं ।

कार्यक्रम के दौरान अदिथि कवच परियोजना, जिला प्रोग्राम समन्वयक कोमल कुमारी ने विद्यार्थियों को बाल विवाह निषेध कानून के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, सम्मान और संरक्षण का अधिकार है। बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए समाज के सभी लोगों को जागरूक एवं जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अभय कुमार सिंह तथा कृष्णा कुमारी ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम, 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट तथा बाल विवाह निषेध कानून के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, अधिकार मित्र रामकृष्ण विकास ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विधिक जागरूकता एवं सहायता संबंधी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिससे आर्थिक या सामाजिक कठिनाइयों के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्राधिकार से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल अधिकारों की रक्षा, बाल विवाह एवं बाल शोषण की रोकथाम और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। किसी भी प्रकार के कोई समस्या होती है तो कार्यालय सम्पर्क नंबर 7070092435, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, चाइल्ड लाइन नंबर 1098 या पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचित करे।

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