जयपुर , नवंबर 01 -- राजस्थान में बीकानेर मिलिट्री स्टेशन द्वारा प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों के लिए 'वाइब्रेंट विलेज सेमिनार' का आयोजन किया गया।

रक्षा सूत्रों ने रविवार को बताया कि शनिवार को आयोजित इस सेमिनार का उद्देश्य नागरिक-सैन्य समन्वय को सुदृढ़ करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाना और पूर्व सैनिकों के कल्याण को प्रोत्साहित करना था। इसके साथ ही, सीमावर्ती समुदायों की सुरक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक विकास में पूर्व सैनिकों के अनुभव व उनके बहुमूल्य योगदान का लाभ उठाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य रहा। सेमिनार में बीकानेर जिले के अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि अन्य सीमावर्ती जिलों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।

सेमिनार में भारतीय सेना, नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने एक साझा मंच पर आकर सार्थक संवाद, समन्वित योजना और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा दिया। इस दौरान पूर्व सैनिकों के कल्याण, सरकारी योजनाओं तक पहुंच, ग्रामीण विकास तथा सीमावर्ती समुदायों के समग्र उत्थान से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्रामीण विकास विभाग ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास पहलों की जानकारी देते हुए सीमावर्ती गांवों में आधारभूत संरचना, आजीविका, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए विकास की संभावनाओं की जानकारी दी।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक किया। इसमें विशेष रूप से ड्रोन का पता लगाने, निगरानी, पहचान और संदिग्ध हवाई गतिविधियों की समय पर सूचना देने पर बल दिया गया। वहीं एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी की चुनौतियों, तस्करी के नए तरीकों और उनके निवारक उपायों से अवगत कराया। ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सामुदायिक सतर्कता, त्वरित सूचना साझा करने तथा सुरक्षा एजेंसियों व नागरिक प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

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