भीलवाड़ा , मई 19 -- राजस्थान में भीलवाड़ा शहर में पिछले दिनों एक निजी अस्पताल और प्रमुख ज्वेलर्स शोरूम में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बड़े नुकसान और जनहानि के खतरे को देखते हुए निगम ने अब शहर के व्यावसायिक और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तथा सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने पर अब तक शहर के 43 निजी अस्पतालों एवं बड़े शोरूम संचालकों को नोटिस थमाए जा चुके हैं।

निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी के सख्त रुख के बाद पूरे शहर में निरीक्षण और जांच का दौर शुरू हो गया है, जिससे अवैध रूप से और बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे संस्थानों में खलबली मच गई है।

उल्लेखनीय है कि तिलक नगर के एक निजी अस्पताल में आग की घटना के बाद शहर के 30 निजी अस्पतालों को गत दिनों नोटिस दिए गए थे। इसके बाद अब आठ बड़े ऑटोमोबाइल शोरूम को भी नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें जोधड़ास चौराहा पर स्थित यश मोटर्स, भीलवाड़ा एग्रो, सुखाड़िया सर्किल अजमेर रोड पर लोटस होंडा, नेक्सा मारुति, संदीप किया, राजेश जेसीबी, गायत्री सेल्स कॉर्पोरेशन और भाटिया एंड कंपनी शामिल हैं।

सहायक अग्निशमन अधिकारी छोटूराम वर्मा ने बताया कि शहर के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम डीपी ज्वेलर्स पर 14 मई को आग लगी थी। तब सुरक्षा जांच दल ने डीपी ज्वेलर्स का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास द्वारों में गंभीर खामियां पाई गई थीं। इसके बाद शोरूम प्रबंधन को दोबारा नोटिस थमाया गया है।

निगम की ओर से जारी नोटिस में सभी 38 संस्थानों सहित जांच के दायरे में आए सभी शोरूम मालिकों को सात दिनों की अंतिम समय सीमा दी गई है। इस अवधि के भीतर सभी को अपने परिसरों में अग्निशमन सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करनी होगी और अनिवार्य रूप से फायर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेकर विभाग को रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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