नारायणपुर, फरवरी 15 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 29वीं वाहिनी आईटीबीपी और नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर ओरछा थाना क्षेत्र के खोड़पार (गोमागल) के जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और आईईडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।

यह अभियान द्वितीय कमान अधिकारी दीपक सेमल्टी के नेतृत्व में कैंप धनौरा से रवाना हुआ। टीम में आईटीबीपी के जवानों के साथ एसएटी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान शामिल थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान जैसे ही टीम ग्राम खोड़पार के पहाड़ी और दुर्गम जंगल क्षेत्र में पहुंची, उन्हें मिट्टी में छिपाकर रखा गया नक्सली डंप मिला। जब उसे खोदा गया तो उसमें से हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद हुआ।

सुरक्षा बलों ने बताया कि बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस डंप में स्वचालित हथियारों से लेकर लंबी दूरी तक निशाना लगाने वाले उपकरण तक शामिल हैं। इस सफलता से नक्सलियों की लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन पर बड़ा झटका लगा है।

बरामद सामग्री में 12 बोर रायफल - 02 नग, सिंगल शॉट रायफल - 01 नग, भरमार (पुराना मॉडल) - 05 नग,. एलएमजी पैसिव नाइट साइट - 01 नग और 5.56 बॉल कारतूस - 52 राउंड समेत अन्य हथियार और गोला बारूद के साथ खाद्य सामग्री भी शामिल है।

जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, बड़ी मात्रा में मिले वायर कटर और इलेक्ट्रिक सामान से पता चलता है कि यह डंप इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने और सुरक्षा बलों के आवागमन में बाधा डालने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। पुलिस का मानना है कि समय रहते इस डंप को ध्वस्त कर दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

इस संयुक्त अभियान की सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टीम के जवानों का उत्साहवर्धन किया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सर्च अभियान जारी है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नक्सली गतिविधियों की कोई भी जानकारी साझा करें ताकि क्षेत्र में शांति और विकास के माहौल को मजबूत किया जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित