रायपुर, फरवरी 18 -- छत्तीसगढ़ में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की शक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च अदालत ने जहां पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के अधिकारों को मान्यता दी है, वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार इन अधिकारों की कथित तौर पर अनदेखी कर रही है।

श्री बैज ने कहा कि पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले बस्तर और सरगुजा संभाग के क्षेत्रों में पेसा कानून लागू है, लेकिन इन इलाकों में ग्राम सभा की सहमति के बिना वनों की कटाई और भूमि अधिग्रहण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी समुदायों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 8 अगस्त 2022 को पेसा कानून के नियम लागू किए थे, जिससे देवगुड़ी और घोटूल जैसी पारंपरिक संस्थाओं के संरक्षण का काम हुआ। लेकिन वर्तमान सरकार में ग्राम सभा की स्वायत्तता को सीमित कर संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी सत्ता के संरक्षण में नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और अनुसूचित क्षेत्र के नागरिकों के साथ भेदभाव हो रहा है।

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