देहरादून , जून 18 -- उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने पर सहमति जताई है। इस फैसले से राज्य के हजारों उपनल कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से वेतन असमानता के मुद्दे को उठा रहे थे।
गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 13 विषयों पर फैसले लिये गये। इसमें उपनल कार्मिकों और कारागार में निरुद्ध बन्दियों के मामलों पर शीर्ष अदालत के आदेश के बाद निर्णय लिये गए हैं।
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव और महानिदेशक, सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग वंशीधर तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन को बताया कि उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड द्वारा पारित आदेश इस वर्ष 20 अप्रैल के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान किये जाने को पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि 12 नवम्बर 2018 को संशोधित कर शीर्ष न्यायालय द्वारा पारित आदेश 15 अक्तूबर 2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की है।
इसी तरह, उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को कैबिनेट द्वारा सहमति दी गई है। इस मामले में भी उच्चतम न्यायालय ने आदेश पारित किया था। तीन अक्टूबर 2024 के इस आदेश के अनुपालन में भी आज उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन के लिए उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा, उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी सहमति दे दी गई है।
श्री तिवारी ने बताया कि कैबिनेट ने गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन और दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को अनुमति दी। इसके साथ ही, चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सेक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर भी स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु 70,000 रुपए की कीमत पर बीमा दर के अनुसार कुल 5.25 करोड़ रुपए के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के 1.05 करोड़ रुपये का वित्तीय भार उठाएगी।
श्री तिवारी ने बताया कि कैबिनेट ने बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों के लिए भी अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में सहमति दी है।
ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एक्सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत सगन्ध तेलों और उत्पादों में मिलावट की जांच को सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक एक्सीलरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने के लिए पांच विशेषज्ञ पद सृजित किए जाने को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को सहमति दी है। जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की।
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