जालंधर , अक्टूबर 12 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार करना पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के लिए झटका है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन को अब जांच एजेंसी के सामने पेश होकर सवालों के जवाब देने और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
श्री सांपला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और प्राथमिकी पर रोक नहीं लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है और मुख्यमंत्री के करीबी लोगों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
भाजपा नेता ने दावा किया कि घुम्मन के खिलाफ जांच की आंच सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है, जिसके कारण आप सरकार मामले में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और अपने ओएसडी पर लगे आरोपों के बारे में जनता को बताने की मांग की।
श्री सांपला ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर घुम्मन को तत्काल पद से हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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