पुणे , सितंबर 7 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से तुरंत बातचीत करने और कथित पेपर लीक को लेकर उनकी चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया।

श्रीमती सुले एमपीएससी पेपर के कथित लीक के खिलाफ पुणे में विद्यार्थियों के विरोध मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनसे मिलने के लिए कौन तैयार है।

श्रीमती सुले ने कहा, "विद्यार्थी अपनी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन सरकार की तरफ से उनसे बात करने कौन आ रहा है? उन्हें पढ़ाई करनी चाहिए, नौकरियां हासिल करनी चाहिए और देश की सेवा करनी चाहिए। दुर्भाग्य से, उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह सरकार की विफलता है।" उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से मिलने और उनकी चिंताओं को जल्द से जल्द दूर करने के लिए किसी वरिष्ठ और जिम्मेदार प्रतिनिधि को भेजने की अपील की।

पुणे के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित एमपीएससी के अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की भी मांग की है। उनका आरोप है कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली में उनके विश्वास को कमजोर कर दिया है।

श्रीमती सुले ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए "आधुनिक तकनीक" और "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि "पुणे के विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति उनकी चिंताओं की गंभीरता को दर्शाती है।"श्रीमती सुले ने कहा, "विद्यार्थी लगातार अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार को उनकी मांग पर विचार करना चाहिए।"श्रीमती सुले ने मुख्यमंत्री से एमपीएससी अभ्यर्थियों की चिंताओं का व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि जल्द और विश्वसनीय समाधान निकाला जाये।

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