मुंबई , सितंबर 01 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-शरद पवार) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले ने कमरतोड़ महंगाई और कीमतों में उछाल को लेकर केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या चुनाव समाप्त होने के बाद जरूरी चीजों के दाम बढ़ाना सरकार की 'आदत' में शुमार हो गया है।

सुश्री सुले ने कीमतों में बढ़ोतरी के समय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या चुनाव खत्म होने के बाद जानबूझकर चीजों के दाम बढ़ाना सत्ताधारी प्रशासन की सोची-समझी रणनीति बन गई है। गौरतलब है कि पहली सितंबर से मुंबई और उसके आस-पास के महानगरीय इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दाम 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और खाना बनाने वाली गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। इस कदम से स्थानीय भोजनालयों, होटलों और टिफिन सेवाओं पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

सुश्री सुले ने परिवारों पर पड़ रहे भारी आर्थिक बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का किराया सीधे-सीधे बढ़ गया है। रोजाना इस्तेमाल होने वाले दूध, खाने के तेल, गुड़ और रसोई की अन्य जरूरी चीजें भी काफी महंगी हो गई हैं, जिससे परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। राकांपा नेता ने त्योहारों के मौसम से ठीक पहले चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए इसे बहुत संदिग्ध बताया और कहा कि यह आम उपभोक्ताओं की खुलेआम लूट के अलावा और कुछ नहीं है।

उन्होंने इसके अलावा सरकार के चुप रहने की आलोचना करते हुए उनकी निष्क्रियता की तुलना हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने से की, जबकि आम नागरिक आसमान छूती कीमतों का बोझ उठा रहे हैं।

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