मुंबई , अक्टूबर 15 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने गन्ना किसानों की उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में बढ़ोतरी की लंबे समय से लंबित मांग पर ध्यान देने में सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाया है और ठोस कदम उठाने के बजाय कमेटियां गठित करने पर आलोचना की है।

सुश्री सुले ने गुरूवार को इस मामले में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार कहे जाने के बावजूद किसानों की मांगें वर्षों से अनसुलझी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए समयबद्ध निर्णय लेने के बजाय मुद्दों की जांच के लिए बार-बार समितियां क्यों गठित कर रही है।

गौरतलब है कि एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है जो चीनी मिलों को गन्ना किसानों को चुकाना होता है। यह मुद्दा विशेष रूप से महाराष्ट्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां गन्ने की खेती और चीनी उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

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