सुपौल , मई 30 -- किसान सलाहकारों के ईपीएफ अंशदान की राशि जमा नहीं होने की शिकायत के बाद आत्मा, सुपौल के लेखापाल हर्ष रंजन के विरुद्ध सरकारी राशि के कथित गबन के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने शनिवार को बताया कि 11 मई को किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी को शिकायत देकर अवगत कराया था कि उनके वेतन से काटी गई ईपीएफ अंशदान की राशि उनके यूएएन खातों में जमा नहीं हो रही है। शिकायत के बाद आत्मा सुपौल के लेखापाल हर्ष रंजन से स्पष्टीकरण मांगा गया। प्रारंभिक स्तर पर उन्होंने तकनीकी त्रुटि का हवाला देते हुए जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था।उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी ईपीएफ खाते अपडेट नहीं होने पर किसान सलाहकारों ने दोबारा शिकायत की। जांच के दौरान पाया गया कि हर्ष रंजन 12 मई से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद है। उनके स्थायी एवं अस्थायी पते पर खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।

जिलाधिकारी ने कहा कि इसके बाद आत्मा सुपौल के परियोजना निदेशक द्वारा बैंक खातों की जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि ईपीएफ अंशदान की राशि निर्धारित खाते में जमा कराने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित की गई। वहीं, क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय, भागलपुर से प्राप्त सत्यापन में भी उपलब्ध कराए गए ईपीएफ चालानों की पुष्टि नहीं हो सकी।

श्री कुमार ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों, लेखापाल की अनुपस्थिति, मोबाइल बंद रहने तथा बैंक खातों की प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकारी राशि के गबन का मामला प्रतीत होता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद गबन की वास्तविक राशि तथा अन्य संभावित अनियमितताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए आत्मा सुपौल के उप परियोजना निदेशक द्वारा लेखापाल हर्ष रंजन के विरुद्ध सदर थाना में कांड संख्या 360/2026 दर्ज कराया गया है। साथ ही नियमानुसार विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

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