मुंबई , अप्रैल 14 -- महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने मंगलवार को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मुंबई के दादर स्थित चैत्य भूमि में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के साथ भारतीय संविधान के निर्माता को पुष्पांजलि अर्पित की।

स्मृति समारोह की तस्वीरों के साथ अपने विचार साझा करते हुए, सुश्री पवार ने डॉ. अंबेडकर की बौद्धिक एवं सामाजिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया और कहा, "महान आत्मा के विचारों और कार्यों को त्रिविध प्रणाम।"उन्होंने बाबासाहेब के जीवन को अन्याय एवं असमानता के खिलाफ प्रतिरोध की एक गहन यात्रा के रूप में वर्णित किया और कहा कि उनके काम ने समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित एक लोकतांत्रिक संरचना की नींव रखी।

डॉ. अंबेडकर की अमिट विरासत को विस्तार से बताते हुए सुश्री पवार ने इस बात पर बल दिया कि संविधान मात्र एक कानूनी दस्तावेज नहीं है बल्कि एक जीवंत दस्तावेज है जो प्रत्येक नागरिक के सम्मान के अधिकार की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज को गहरी जड़ें जमा चुकी अज्ञानता, उत्पीड़न एवं व्यवस्थागत असमानता से बाहर निकालकर एक न्यायपूर्ण एवं समावेशी राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त किया।

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